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Vishwakarma Silai Machine Yojana 2026-27: महिलाओं को मिलेंगे ₹15,000 तक, जानें आवेदन प्रक्रिया

Anubhuti Gupta
ByAnubhuti Gupta
Published on: November 3, 2026
Vishwakarma Silai Machine Yojana 2026-27: घर पर सिलाई का काम करने वाली या छोटी दर्जी की दुकान चलाने वाली महिलाओं के लिए PM Vishwakarma योजना उपयोगी साबित हो सकती है। इस योजना में दर्जी यानी टेलर ट्रेड को शामिल किया गया है। पात्र कारीगरों को आधुनिक औजार खरीदने के लिए ₹15,000 तक का टूलकिट प्रोत्साहन ई-वाउचर के रूप में दिया जाता है। इसके साथ कौशल प्रशिक्षण, प्रशिक्षण के दौरान रोजाना ₹500 का भत्ता और आसान शर्तों पर कारोबार के लिए लोन की सुविधा भी है।

हालांकि, इस योजना को सीधे मुफ्त सिलाई मशीन बांटने वाली योजना समझना सही नहीं होगा। ₹15,000 की सहायता नकद राशि के रूप में हर आवेदक के बैंक खाते में नहीं आती, बल्कि पात्रता और कौशल आकलन के बाद टूलकिट खरीदने के लिए ई-वाउचर दिया जाता है। ऐसे में आवेदन करने से पहले योजना के नियम और पूरी प्रक्रिया समझना जरूरी है।

Vishwakarma Silai Machine Yojana क्या है? जानें ₹15,000 की सहायता का सच

Vishwakarma Silai Machine Yojana के नाम से जिस सहायता की चर्चा होती है, वह वास्तव में केंद्र सरकार की PM Vishwakarma योजना का हिस्सा है। इस योजना में 18 पारंपरिक व्यवसायों को शामिल किया गया है, जिनमें दर्जी (Tailor/Darzi) का काम भी आता है। इसका मकसद पारंपरिक कारीगरों को पहचान दिलाना, उनके हुनर को बेहतर बनाना और काम के लिए आधुनिक औजार उपलब्ध कराना है।

सिलाई का काम करने वाले पात्र व्यक्ति को कौशल आकलन के बाद अधिकतम ₹15,000 तक का टूलकिट प्रोत्साहन मिल सकता है। यह ई-वाउचर के रूप में दिया जाता है, जिसका इस्तेमाल निर्धारित प्रक्रिया के तहत काम से जुड़े औजार खरीदने के लिए किया जाता है। इसलिए इसे सभी महिलाओं को मिलने वाली ₹15,000 की नकद सहायता या बिना शर्त मुफ्त सिलाई मशीन का लाभ बताना ठीक नहीं है।

योजना में केवल टूलकिट ही नहीं, बल्कि प्रशिक्षण और कारोबार बढ़ाने के लिए ऋण सहायता भी शामिल है। इससे उन दर्जियों को मदद मिल सकती है जो पुराने औजारों से काम कर रहे हैं और अपनी सिलाई की गुणवत्ता या काम की रफ्तार बेहतर करना चाहते हैं।
योजना की जानकारी विवरण
योजना का नाम PM Vishwakarma
शामिल काम दर्जी (Tailor/Darzi)
टूलकिट प्रोत्साहन अधिकतम ₹15,000 तक
सहायता का माध्यम ई-वाउचर
बेसिक ट्रेनिंग 5 से 7 दिन
ट्रेनिंग भत्ता ₹500 प्रतिदिन

 

किन महिलाओं को मिलेगा योजना का लाभ? जानें पात्रता की शर्तें

इस योजना का लाभ केवल महिला होने के आधार पर नहीं मिलता। आवेदक को दर्जी के पारंपरिक काम में वास्तव में जुड़ा होना चाहिए और योजना की निर्धारित पात्रता पूरी करनी होती है। Vishwakarma Silai Machine Yojana 2026-27 महिला घर से कपड़े सिलती हो, अपने स्तर पर सिलाई का काम करती हो या छोटी दर्जी की दुकान चलाती हो, तो वह अन्य शर्तें पूरी करने पर आवेदन कर सकती है।

मुख्य पात्रता शर्तें इस प्रकार हैं:

  • आवेदक की उम्र पंजीकरण के दिन कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए।

  • वह हाथों और औजारों से दर्जी का काम करने वाली स्व-रोजगार कारीगर हो।

  • काम असंगठित क्षेत्र में पारंपरिक तरीके से किया जा रहा हो।

  • एक परिवार से केवल एक सदस्य को योजना का लाभ मिल सकता है। परिवार में पति, पत्नी और अविवाहित बच्चे शामिल माने जाते हैं।

  • आवेदक या परिवार के सदस्य ने पिछले पांच वर्षों में समान प्रकार की सरकारी क्रेडिट आधारित स्वरोजगार योजना के तहत लोन न लिया हो, सिवाय नियमों में दी गई छूट के।

  • केंद्र या राज्य सरकार की सेवा में कार्यरत व्यक्ति और उनके परिवार के सदस्य योजना के पात्र नहीं हैं।

PM Vishwakarma योजना में अधिकतम उम्र की कोई सीमा निर्धारित नहीं है, लेकिन आवेदन के समय न्यूनतम उम्र 18 वर्ष होना जरूरी है। पहले से MUDRA या PM SVANidhi का लोन लेकर उसे पूरी तरह चुका चुके लाभार्थियों के लिए भी नियमों के अनुसार पात्रता का रास्ता खुला है।

यहां सबसे जरूरी बात यह है कि केवल सिलाई मशीन रखने या कभी-कभार कपड़े सिलने से पात्रता अपने आप तय नहीं होती। आवेदक का दर्जी के काम में सक्रिय होना और स्थानीय स्तर पर सत्यापन में इसकी पुष्टि होना जरूरी है।

आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज और रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया

PM Vishwakarma योजना में आवेदन की प्रक्रिया सामान्य ऑनलाइन फॉर्म भरने जैसी नहीं है। आधिकारिक व्यवस्था के अनुसार पंजीकरण कॉमन सर्विस सेंटर यानी CSC के माध्यम से किया जाता है। वहां आवेदक की पहचान और जानकारी का सत्यापन किया जाता है। पंजीकरण के लिए बायोमेट्रिक आधारित प्रक्रिया अपनाई जाती है।

CSC जाने से पहले ये दस्तावेज और जानकारियां तैयार रखना उपयोगी रहेगा:

  • आधार कार्ड

  • आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर

  • बैंक खाते की जानकारी और पासबुक

  • राशन कार्ड या परिवार से जुड़ी जानकारी, जहां मांगी जाए

  • दर्जी के काम से जुड़ी जानकारी

आवेदन के दौरान CSC संचालक आवेदक का विवरण पोर्टल पर दर्ज करता है। इसके बाद आवेदन की जांच कई स्तरों पर होती है। पहले ग्राम पंचायत या शहरी स्थानीय निकाय स्तर पर सत्यापन किया जाता है। फिर जिला कार्यान्वयन समिति आवेदन की जांच कर सिफारिश करती है और अंत में स्क्रीनिंग कमेटी की ओर से मंजूरी दी जाती है।

आवेदन का सामान्य क्रम इस तरह समझ सकते हैं:

  1. नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर पर जाएं।

  2. ऑपरेटर को बताएं कि आप PM Vishwakarma योजना के तहत दर्जी ट्रेड में पंजीकरण कराना चाहती हैं।

  3. आधार आधारित पहचान और बायोमेट्रिक सत्यापन पूरा कराएं।

  4. व्यक्तिगत जानकारी, बैंक विवरण और काम से जुड़ी जानकारी दर्ज कराएं।

  5. आवेदन जमा होने के बाद उसकी जांच और मंजूरी की प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार करें।

  6. पात्र पाए जाने पर PM Vishwakarma प्रमाणपत्र और पहचान पत्र जारी किया जाता है।

पंजीकरण के लिए किसी अनधिकृत एजेंट को पैसे देने से बचें। योजना के तहत लाभार्थियों का पंजीकरण CSC के जरिए निःशुल्क किया जाता है। आवेदन की मंजूरी केवल फॉर्म भरने से तय नहीं होती; निर्धारित सत्यापन और पात्रता की जांच जरूरी है।

₹15,000 के अलावा ट्रेनिंग और ₹3 लाख तक लोन का भी लाभ

PM Vishwakarma योजना में दर्जी कारीगरों को केवल औजार खरीदने में ही सहायता नहीं दी जाती, बल्कि उनके हुनर को बेहतर बनाने के लिए प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जाता है। बेसिक ट्रेनिंग 5 से 7 दिन की होती है। जरूरत और पात्रता के अनुसार इसके बाद 15 दिन या उससे अधिक की एडवांस ट्रेनिंग भी मिल सकती है। प्रशिक्षण के दौरान लाभार्थी को ₹500 प्रतिदिन का स्टाइपेंड दिया जाता है।

योजना के प्रमुख लाभ इस प्रकार हैं:

  • PM Vishwakarma प्रमाणपत्र और पहचान पत्र के जरिए कारीगर को आधिकारिक पहचान मिलती है।

  • आधुनिक औजार खरीदने के लिए अधिकतम ₹15,000 तक का टूलकिट ई-वाउचर मिल सकता है।

  • बेसिक और एडवांस ट्रेनिंग के दौरान ₹500 प्रतिदिन का स्टाइपेंड दिया जाता है।

  • पात्र लाभार्थी कारोबार बढ़ाने के लिए बिना गारंटी का लोन ले सकते हैं।

  • डिजिटल लेनदेन करने पर निर्धारित सीमा तक प्रोत्साहन मिलता है।

  • उत्पादों की मार्केटिंग, ब्रांडिंग और बाजार तक पहुंच बनाने में सहायता मिल सकती है।

लोन की सुविधा दो चरणों में दी जाती है। पहले चरण में अधिकतम ₹1 लाख और दूसरे चरण में अधिकतम ₹2 लाख तक का ऋण मिल सकता है। इन ऋणों पर रियायती ब्याज दर 5 प्रतिशत निर्धारित है। पहला लोन लेने के लिए बेसिक ट्रेनिंग पूरी करना जरूरी है। दूसरे चरण का लोन पहले ऋण के सही भुगतान और डिजिटल लेनदेन अपनाने या एडवांस ट्रेनिंग पूरी करने जैसी शर्तों से जुड़ा है।

लोन का चरण अधिकतम राशि भुगतान अवधि
पहला चरण ₹1 लाख 18 महीने
दूसरा चरण ₹2 लाख 30 महीने
कुल संभावित ऋण ₹3 लाख पात्रता और शर्तों के अनुसार

 

यह लोन अनुदान नहीं है, बल्कि वापस चुकाने वाला ऋण है। इसलिए आवेदन करने से पहले अपनी कमाई और किस्त चुकाने की क्षमता का आकलन करना जरूरी है।

आवेदन के बाद कैसे मिलेगा टूलकिट का लाभ?

पंजीकरण पूरा होने के बाद आवेदक का सत्यापन किया जाता है। पात्र पाए जाने पर उसे PM Vishwakarma प्रमाणपत्र और पहचान पत्र दिया जाता है। इसके बाद संबंधित ट्रेड के अनुसार कौशल आकलन और प्रशिक्षण की प्रक्रिया होती है। दर्जी ट्रेड में भी आवेदक के काम और कौशल को परखा जा सकता है।

टूलकिट प्रोत्साहन कौशल आकलन के बाद बेसिक ट्रेनिंग की शुरुआत में ई-वाउचर के रूप में दिया जाता है। इसका उद्देश्य कारीगर को अपने काम के लिए बेहतर और आधुनिक औजार खरीदने में मदद करना है। ई-वाउचर का इस्तेमाल निर्धारित व्यवस्था के तहत किया जाता है, इसलिए इसे सीधे बैंक खाते में आने वाली नकद रकम नहीं समझना चाहिए।

आवेदन करने वाली महिलाओं को कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए:

  • आवेदन में दर्जी के काम की सही जानकारी दें।

  • आधार और बैंक खाते का विवरण सही रखें।

  • सत्यापन के समय मांगी गई जानकारी उपलब्ध कराएं।

  • पंजीकरण के बाद आवेदन की स्थिति संबंधित CSC से पता करते रहें।

  • किसी व्यक्ति के कहने पर OTP, बैंक PIN या अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करें।

योजना का लाभ तभी मिलेगा जब आवेदक निर्धारित पात्रता और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करेगी। Vishwakarma Silai Machine Yojana 2026-27 इसलिए किसी भी एजेंट के इस दावे पर भरोसा न करें कि वह बिना जांच के ₹15,000 दिलवा सकता है।

Vishwakarma Silai Machine Yojana 2026-27: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1. Vishwakarma Silai Machine Yojana में कितने रुपये मिलते हैं?

PM Vishwakarma योजना के तहत पात्र दर्जी कारीगरों को आधुनिक टूलकिट खरीदने के लिए अधिकतम ₹15,000 तक का ई-वाउचर दिया जा सकता है। यह सभी आवेदकों को मिलने वाली नकद सहायता नहीं है।

2. क्या इस योजना में महिलाओं को मुफ्त सिलाई मशीन मिलेगी?

योजना में दर्जी ट्रेड के लिए टूलकिट प्रोत्साहन का प्रावधान है। इसमें निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार काम से जुड़े आधुनिक औजार खरीदे जा सकते हैं। हर महिला को अलग से मुफ्त सिलाई मशीन मिलने की गारंटी नहीं है।

3. Vishwakarma Silai Machine Yojana के लिए न्यूनतम उम्र कितनी होनी चाहिए?

आवेदन करने वाली महिला की उम्र पंजीकरण के दिन कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए। योजना में अधिकतम उम्र की कोई सीमा निर्धारित नहीं है।

4. योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?

आवेदक को नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर यानी CSC पर जाकर PM Vishwakarma योजना के दर्जी ट्रेड में पंजीकरण कराना होगा। आवेदन के बाद निर्धारित स्तरों पर सत्यापन किया जाता है।

5. क्या सिलाई का काम करने वाली महिलाओं को ट्रेनिंग के दौरान पैसे भी मिलते हैं?

हां, पात्र लाभार्थियों को बेसिक ट्रेनिंग के दौरान ₹500 प्रतिदिन का स्टाइपेंड दिया जाता है।Vishwakarma  बेसिक ट्रेनिंग 5 से 7 दिन की होती है और इसके बाद एडवांस ट्रेनिंग का विकल्प भी उपलब्ध है।

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Anubhuti Gupta
Anubhuti Gupta
Anubhuti Gupta पिछले 4 वर्षों से कंटेंट राइटिंग और एडिटोरियल क्षेत्र में कार्यरत हैं। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में ग्रेजुएशन किया है। वह सरकारी योजनाओं से जुड़ी जानकारी की रिसर्च, फैक्ट-चेकिंग और एडिटिंग पर विशेष ध्यान देते हैं, ताकि पाठकों तक सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद जानकारी पहुँच सके।

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