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PM Viksit Bharat Rozgar Yojana 2026: पहली नौकरी पर ₹15,000 तक का लाभ

Anubhuti Gupta
ByAnubhuti Gupta
Published on: October 24, 2026
PM Viksit Bharat Rozgar Yojana: नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं और पहली बार प्राइवेट सेक्टर में काम शुरू करने वाले लोगों के लिए प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PM-VBRY) महत्वपूर्ण है। इस योजना का उद्देश्य युवाओं को औपचारिक रोजगार से जोड़ना, EPFO के दायरे में आने वाले नए कर्मचारियों को प्रोत्साहन देना और कंपनियों को नए रोजगार पैदा करने के लिए बढ़ावा देना है।

इस योजना के तहत पात्र पहली बार नौकरी करने वाले कर्मचारियों को एक महीने के EPF वेतन के बराबर प्रोत्साहन राशि मिल सकती है, जिसकी अधिकतम सीमा ₹15,000 है। यह रकम दो किस्तों में दी जाती है। हालांकि, केवल नौकरी मिल जाने से हर व्यक्ति इस लाभ का पात्र नहीं बन जाता। कर्मचारी का पहली बार EPFO से जुड़ना, वेतन की निर्धारित सीमा में होना और योजना की अन्य शर्तें पूरी करना जरूरी है।

योजना को लेकर एक अहम बात यह भी है कि इसका लाभ केवल कर्मचारियों तक सीमित नहीं है। नए रोजगार पैदा करने वाले पात्र नियोक्ताओं यानी कंपनियों और प्रतिष्ठानों के लिए भी प्रोत्साहन का प्रावधान है। ऐसे में नौकरी शुरू करने वाले युवाओं और भर्ती करने वाले प्रतिष्ठानों, दोनों के लिए योजना के नियम समझना जरूरी है।

PM Viksit Bharat Rozgar Yojana 2026 क्या है?

प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना को केंद्र सरकार ने रोजगार से जुड़ी प्रोत्साहन योजना के रूप में शुरू किया है। इसे पहले Employment Linked Incentive (ELI) Scheme के नाम से जाना जाता था। योजना 1 अगस्त 2025 से प्रभावी हुई और इसके तहत निर्धारित अवधि में पैदा होने वाले नए रोजगार को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

सरकार ने इस योजना के लिए ₹99,446 करोड़ का कुल बजट निर्धारित किया है। इसका लक्ष्य दो साल की अवधि में 3.5 करोड़ से अधिक रोजगारों को प्रोत्साहित करना है। इनमें लगभग 1.92 करोड़ ऐसे लाभार्थियों को शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है, जो पहली बार रोजगार के औपचारिक क्षेत्र में प्रवेश करेंगे।

इस योजना का मुख्य उद्देश्य रोजगार देने वाली कंपनियों को नए कर्मचारियों की भर्ती के लिए प्रोत्साहित करना और युवाओं को औपचारिक नौकरी के साथ सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाना है। EPFO के माध्यम से कर्मचारी की भविष्य निधि से जुड़ी व्यवस्था को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया है।

योजना का लाभ 1 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 के बीच पैदा होने वाले पात्र रोजगारों के लिए निर्धारित है। इसका मतलब है कि साल 2026 में नौकरी शुरू करने वाले कुछ युवा भी पात्र हो सकते हैं, लेकिन उन्हें योजना की सभी शर्तें पूरी करनी होंगी।

पहली नौकरी करने वालों को ₹15,000 तक कैसे मिलेंगे?

योजना का पहला हिस्सा उन कर्मचारियों के लिए है, जो पहली बार औपचारिक रोजगार में आ रहे हैं और जिनका EPFO में पहले से योगदान वाला सदस्य रिकॉर्ड नहीं रहा है। पात्र कर्मचारी को एक महीने के EPF वेतन के बराबर प्रोत्साहन राशि मिल सकती है। इसकी अधिकतम सीमा ₹15,000 रखी गई है।

यह राशि एक साथ नहीं दी जाती, बल्कि दो किस्तों में जारी होती है। पहली किस्त के लिए छह महीने की लगातार सेवा पूरी करना जरूरी है। दूसरी किस्त के लिए 12 महीने की लगातार सेवा पूरी करने के साथ निर्धारित वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम भी पूरा करना होता है।

विवरण योजना की जानकारी
अधिकतम प्रोत्साहन राशि ₹15,000
वेतन की अधिकतम पात्र सीमा ₹1,00,000 प्रति माह
पहली किस्त छह महीने की सेवा पूरी होने के बाद
दूसरी किस्त 12 महीने की सेवा और वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम पूरा होने के बाद
भुगतान का माध्यम आधार आधारित DBT व्यवस्था

यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि ₹15,000 हर कर्मचारी को मिलने वाली तय रकम नहीं है। वास्तविक प्रोत्साहन EPF वेतन और लागू नियमों के अनुसार तय होगा। योजना में बचत को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन राशि का एक हिस्सा निर्धारित अवधि तक बचत साधन या जमा खाते में रखा जा सकता है, जिसे बाद में नियमों के अनुसार निकाला जा सकेगा।

इसलिए अगर कोई युवा नई नौकरी शुरू कर रहा है, तो उसे अपने नियोक्ता से यह पुष्टि करनी चाहिए कि उसका EPFO रिकॉर्ड सही तरीके से बनाया गया है और योजना के लिए जरूरी जानकारी दर्ज की गई है।

PM Viksit Bharat Rozgar Yojana की पात्रता क्या है?

योजना में पात्रता इस बात पर निर्भर करती है कि व्यक्ति पहली बार EPFO से जुड़ रहा है या पहले से EPFO का सदस्य रहा है। पहली बार नौकरी करने वालों के लिए नियम अलग हैं, जबकि नियोक्ताओं को मिलने वाला प्रोत्साहन अतिरिक्त रोजगार पैदा करने की शर्तों से जुड़ा है।

पहली बार नौकरी करने वाले कर्मचारियों के लिए प्रमुख शर्तें इस प्रकार हैं:

  • नौकरी निर्धारित अवधि यानी 1 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 के बीच शुरू हुई हो।

  • कर्मचारी पहली बार EPFO में योगदान देने वाला सदस्य हो।

  • मासिक वेतन ₹1 लाख तक हो।

  • UAN यानी Universal Account Number आधार आधारित फेस ऑथेंटिकेशन के माध्यम से सत्यापित हो।

  • योजना के अनुसार जरूरी सेवा अवधि और अन्य शर्तें पूरी हों।

सिर्फ उम्र कम होने या पहली बार किसी कंपनी में काम करने से प्रोत्साहन मिलना तय नहीं होता। अगर कोई व्यक्ति पहले किसी ऐसी नौकरी में काम कर चुका है, जहां उसके नाम से EPFO में योगदान जमा हुआ था, तो उसे योजना के पहले हिस्से में पहली बार नौकरी करने वाला कर्मचारी नहीं माना जा सकता।

वहीं, योजना के दूसरे हिस्से में उन प्रतिष्ठानों को प्रोत्साहन दिया जाता है, जो पात्र अतिरिक्त रोजगार पैदा करते हैं। इस हिस्से में वेतन की सीमा और न्यूनतम सेवा अवधि सहित निर्धारित शर्तें लागू होती हैं। इसलिए कर्मचारी और नियोक्ता की पात्रता को अलग-अलग समझना जरूरी है।

ऑनलाइन आवेदन कैसे करें और UAN कैसे बनाएं?

PM Viksit Bharat Rozgar Yojana में कर्मचारियों और नियोक्ताओं की प्रक्रिया एक जैसी नहीं है। योजना के तहत नियोक्ता को पोर्टल पर पंजीकरण करना होता है, जबकि पहली बार नौकरी करने वाले कर्मचारी को अपना UAN और आधार आधारित सत्यापन सही तरीके से पूरा करना होता है।

कर्मचारी के लिए जरूरी कदम:

  1. सबसे पहले यह सुनिश्चित करें कि आपकी कंपनी EPFO के तहत पंजीकृत है और आपकी नौकरी का रिकॉर्ड सही तरीके से दर्ज किया जा रहा है।

  2. यदि आप पहली बार EPFO से जुड़ रहे हैं, तो UAN बनाने के लिए UMANG ऐप पर उपलब्ध Face Authentication Technology का इस्तेमाल करें।

  3. आधार से संबंधित विवरण सही रखें और ऐप पर दिए गए निर्देशों के अनुसार चेहरे का सत्यापन पूरा करें।

  4. अपने नियोक्ता से पुष्टि करें कि आपकी नियुक्ति और EPFO योगदान का रिकॉर्ड सही तरीके से दर्ज किया गया है।

  5. निर्धारित सेवा अवधि पूरी होने और अन्य शर्तें पूरी होने के बाद प्रोत्साहन से जुड़ी स्थिति की जानकारी लें।

नियोक्ताओं के लिए योजना का आधिकारिक पोर्टल अलग प्रक्रिया उपलब्ध कराता है। प्रतिष्ठान को एक बार पंजीकरण करके निर्धारित जानकारी जमा करनी होती है और पात्र नए कर्मचारियों तथा रोजगार वृद्धि से जुड़ी शर्तें पूरी करनी होती हैं।

आवेदन या पंजीकरण के नाम पर किसी अनजान एजेंट को पैसे देने से बचें। UAN, आधार और बैंक खाते की जानकारी केवल आधिकारिक प्रक्रिया में ही इस्तेमाल करें।

कंपनियों और नियोक्ताओं को क्या लाभ मिलेगा?

इस योजना का दूसरा हिस्सा कंपनियों को अतिरिक्त रोजगार पैदा करने के लिए प्रोत्साहित करता है। इसका उद्देश्य केवल कर्मचारियों को आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि प्रतिष्ठानों को नए लोगों की भर्ती करने और उन्हें नौकरी में बनाए रखने के लिए भी बढ़ावा देना है।

पात्र नियोक्ताओं को प्रत्येक अतिरिक्त कर्मचारी के लिए अधिकतम ₹3,000 प्रति माह तक प्रोत्साहन मिल सकता है। सामान्य रूप से यह सहायता दो साल तक दी जा सकती है। विनिर्माण क्षेत्र में निर्धारित शर्तों के तहत तीसरे और चौथे साल तक भी प्रोत्साहन का प्रावधान है।

विवरण नियोक्ता के लिए प्रावधान
अधिकतम मासिक प्रोत्साहन ₹3,000 प्रति पात्र अतिरिक्त कर्मचारी
सामान्य सहायता अवधि दो वर्ष
विनिर्माण क्षेत्र निर्धारित नियमों के अनुसार तीसरे और चौथे वर्ष तक लाभ
वेतन सीमा पात्र कर्मचारी का मासिक वेतन ₹1 लाख तक
भुगतान का तरीका नियोक्ता के PAN से जुड़े खाते में

हर नई भर्ती पर स्वतः प्रोत्साहन नहीं मिलता। प्रतिष्ठान को अतिरिक्त रोजगार पैदा करने, कर्मचारी को निर्धारित अवधि तक बनाए रखने और EPFO योगदान से जुड़ी शर्तें पूरी करनी होती हैं। पुराने कर्मचारियों को केवल योजना के कारण नए रोजगार की श्रेणी में नहीं गिना जा सकता।

इस योजना में विनिर्माण क्षेत्र पर विशेष ध्यान दिया गया है, लेकिन रोजगार सृजन को बढ़ावा देने का उद्देश्य दूसरे पात्र क्षेत्रों पर भी लागू होता है। कंपनियों को अपने प्रतिष्ठान की पात्रता और रोजगार वृद्धि के नियम आधिकारिक दिशानिर्देशों के अनुसार जांचने चाहिए।

PM Viksit Bharat Rozgar Yojana 2026 से जुड़े 5 जरूरी FAQs

1. PM Viksit Bharat Rozgar Yojana में कितने रुपये मिलते हैं?

योजना के पहले हिस्से के तहत पात्र पहली बार नौकरी करने वाले कर्मचारियों को एक महीने के EPF वेतन के बराबर प्रोत्साहन मिलता है, जिसकी अधिकतम सीमा ₹15,000 है। राशि दो किस्तों में दी जाती है और इसके लिए निर्धारित शर्तें पूरी करनी होती हैं।

2. क्या सभी प्राइवेट नौकरी करने वाले युवाओं को ₹15,000 मिलेंगे?

नहीं। कर्मचारी का पहली बार EPFO से जुड़ना, वेतन की निर्धारित सीमा में होना और योजना के दूसरे नियम पूरे करना जरूरी है। पहले से EPFO में योगदान करने वाले कर्मचारी को पहली बार नौकरी करने वाले लाभार्थी का लाभ स्वतः नहीं मिलता।

3. PM Viksit Bharat Rozgar Yojana के लिए आवेदन कहां करें?

योजना का आधिकारिक पोर्टल pmvbry.epfindia.gov.in है। नियोक्ता वहां पंजीकरण कर सकते हैं। पहली बार नौकरी करने वाले कर्मचारियों को UMANG ऐप पर Face Authentication Technology के जरिए UAN बनाने और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करनी होती है।

4. पहली किस्त कब मिलती है?

पहली किस्त के लिए छह महीने की लगातार सेवा पूरी करना जरूरी है। दूसरी किस्त 12 महीने की लगातार सेवा और निर्धारित वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम पूरा करने के बाद मिलती है। वास्तविक भुगतान पात्रता और सत्यापन पर निर्भर करता है।

5. PM Viksit Bharat Rozgar Yojana कब तक लागू है?

योजना के तहत पात्र रोजगारों की निर्धारित अवधि 1 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 तक है। इस दौरान नौकरी शुरू करने वाले कर्मचारी और अतिरिक्त रोजगार पैदा करने वाले प्रतिष्ठान लागू दिशानिर्देशों के अनुसार लाभ के पात्र हो सकते हैं।

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Anubhuti Gupta
Anubhuti Gupta
Anubhuti Gupta पिछले 4 वर्षों से कंटेंट राइटिंग और एडिटोरियल क्षेत्र में कार्यरत हैं। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में ग्रेजुएशन किया है। वह सरकारी योजनाओं से जुड़ी जानकारी की रिसर्च, फैक्ट-चेकिंग और एडिटिंग पर विशेष ध्यान देते हैं, ताकि पाठकों तक सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद जानकारी पहुँच सके।

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