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Bihar Old Age Pension 2026: e-KYC, पात्रता और जरूरी दस्तावेज

Anubhuti Gupta
ByAnubhuti Gupta
Published on: November 6, 2026
Bihar Old Age Pension 2026: बिहार में वृद्धावस्था पेंशन पाने वाले बुजुर्गों के लिए आधार सत्यापन और बैंक खाते की जानकारी सही रखना बेहद जरूरी है। पेंशन की राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है, इसलिए आधार, बैंक खाते और लाभार्थी रिकॉर्ड में गड़बड़ी होने पर भुगतान में परेशानी आ सकती है। बिहार सरकार की मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना के तहत पात्र बुजुर्गों को फिलहाल ₹1,100 प्रतिमाह पेंशन दी जा रही है।

हालांकि, e-KYC को लेकर सबसे जरूरी बात यह है कि किसी भी अपुष्ट खबर के आधार पर यह न मानें कि एक तय तारीख तक प्रक्रिया पूरी नहीं करने पर सभी की पेंशन बंद हो जाएगी। लाभार्थियों को अपनी स्थिति आधिकारिक पोर्टल पर जांचनी चाहिए और यदि आधार सत्यापन या बैंक से जुड़ी कोई समस्या दिखाई दे, तो उसे समय रहते ठीक कराना चाहिए।

बिहार वृद्धजन पेंशन योजना में कितनी मिलती है राशि?

बिहार सरकार की मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना (MVPY) का उद्देश्य राज्य के ऐसे बुजुर्गों को आर्थिक सहारा देना है, जिनके पास नियमित आय का कोई मजबूत साधन नहीं है। उम्र बढ़ने के साथ दवाइयों, इलाज, रोजमर्रा के खर्च और छोटी जरूरतों के लिए दूसरों पर निर्भरता कम करना इस योजना का अहम मकसद है।

SSPMIS के आधिकारिक पोर्टल पर योजना के तहत ₹1,100 प्रतिमाह पेंशन का उल्लेख है। Bihar Old Age Pension 2026 यह राशि पात्र लाभार्थी के बैंक खाते में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण यानी DBT के जरिए भेजी जाती है। इसलिए बैंक खाते का सक्रिय होना और खाते से जुड़ी जानकारी सही रहना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

विवरण जानकारी
योजना का नाम मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना
मासिक पेंशन ₹1,100
न्यूनतम आयु 60 वर्ष
भुगतान का तरीका बैंक खाते में DBT

 

योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक की उम्र कम से कम 60 वर्ष होनी चाहिए। SSPMIS की योजना संबंधी जानकारी में आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र यानी EPIC और DBT के लिए बैंक खाते की जानकारी को जरूरी बताया गया है। पोर्टल पर यह भी स्पष्ट है कि आधार से जुड़ा नाम और जन्मतिथि आवेदन के विवरण से मेल खाने चाहिए।

पेंशन योजनाओं में लाभार्थी की पहचान सही रखना जरूरी होता है, ताकि सहायता सही व्यक्ति तक पहुंचे। आधार सत्यापन से आवेदन में दर्ज नाम, जन्मतिथि और पहचान की जानकारी की जांच की जाती है। अगर आधार कार्ड में नाम अलग है और बैंक खाते या पेंशन रिकॉर्ड में नाम की वर्तनी अलग दर्ज है, तो सत्यापन के दौरान परेशानी आ सकती है।
बिहार के SSPMIS पोर्टल पर मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना के लिए आधार सत्यापन की सुविधा उपलब्ध है। इस प्रक्रिया में जिला, प्रखंड, योजना, EPIC नंबर, मतदाता पहचान पत्र के अनुसार नाम, आधार नंबर, आधार के अनुसार नाम और जन्मतिथि जैसी जानकारियां मांगी जाती हैं। पोर्टल के निर्देश के अनुसार आवेदन में आधार के नाम, जन्मतिथि और जिले के विवरण का मिलान होना चाहिए।

यहां एक बात समझना जरूरी है। नए आवेदन के समय आधार सत्यापन की सुविधा और पहले से पेंशन पा रहे सभी लाभार्थियों के लिए किसी विशेष तारीख तक e-KYC अनिवार्य होने का सरकारी आदेश, दोनों अलग बातें हैं। उपलब्ध आधिकारिक पोर्टल पर आधार सत्यापन का विकल्प तो मौजूद है, लेकिन सभी मौजूदा पेंशनधारकों की पेंशन किसी एक तय तारीख पर e-KYC न होने से बंद करने की सार्वभौमिक समय-सीमा स्पष्ट नहीं दिखती। इसलिए किसी वायरल मैसेज या वीडियो में बताई गई आखिरी तारीख पर भरोसा करने के बजाय SSPMIS या संबंधित कार्यालय से पुष्टि करें।

घर बैठे कैसे करें आधार सत्यापन और पेंशन की जानकारी चेक?

बुजुर्ग लाभार्थी या उनके परिवार के सदस्य आधिकारिक SSPMIS पोर्टल की मदद से योजना से जुड़ी जानकारी देख सकते हैं। ऑनलाइन प्रक्रिया में सही जानकारी भरना जरूरी है। अगर लाभार्थी को मोबाइल या इंटरनेट चलाने में परेशानी होती है, तो परिवार का कोई सदस्य उनकी मदद कर सकता है।

आधार सत्यापन के लिए ये कदम अपनाएं:

  • बिहार सरकार के SSPMIS पोर्टल पर जाएं।

  • मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना से संबंधित आधार सत्यापन का विकल्प खोलें।

  • अपना जिला और प्रखंड चुनें।

  • योजना का नाम चुनकर EPIC नंबर और मतदाता पहचान पत्र के अनुसार नाम दर्ज करें।

  • आधार नंबर, आधार कार्ड के अनुसार नाम और जन्मतिथि भरें।

  • दर्ज की गई जानकारी को ध्यान से जांचें और पोर्टल पर उपलब्ध सत्यापन प्रक्रिया पूरी करें।

आधार सत्यापन का आधिकारिक पेज SSPMIS पोर्टल पर उपलब्ध है। ध्यान रखें कि किसी अनजान व्यक्ति को आधार नंबर, OTP या बैंक खाते की गोपनीय जानकारी फोन पर न बताएं।

पेंशन आवेदन या लाभार्थी की स्थिति जानने के लिए भी पोर्टल पर अलग सुविधा दी गई है। लाभार्थी स्टेटस देखने के लिए:

  • SSPMIS की आधिकारिक वेबसाइट खोलें।

  • Beneficiary Status या Search Beneficiary Status विकल्प चुनें।

  • उपलब्ध विकल्पों में से Beneficiary ID, Sanction Number, Account Number, Aadhaar Number या Mobile Number में से किसी एक को चुनें।

  • संबंधित जानकारी और कैप्चा दर्ज करें।

  • सबमिट करने के बाद स्क्रीन पर उपलब्ध आवेदन की स्थिति देखें।

पोर्टल पर लाभार्थी का नाम, जिला, प्रखंड, स्वीकृति संख्या और आवेदन की स्थिति जैसी जानकारियां दिखाई जा सकती हैं। यह सुविधा विशेष रूप से उन परिवारों के लिए उपयोगी है, जिन्हें यह पता नहीं चल पा रहा कि पेंशन आवेदन स्वीकृत हुआ है या अभी प्रक्रिया में है।

पेंशन खाते में नहीं आ रही तो क्या करें?

कई बार पेंशन स्वीकृत होने के बावजूद लाभार्थी को समय पर बैंक खाते में राशि दिखाई नहीं देती। ऐसी स्थिति में तुरंत यह मान लेना सही नहीं है कि पेंशन बंद कर दी गई है। भुगतान में देरी या रुकावट के पीछे बैंक खाते की जानकारी, आधार से जुड़ी पहचान, रिकॉर्ड में अंतर या भुगतान प्रक्रिया से संबंधित समस्या हो सकती है।

सबसे पहले बैंक पासबुक अपडेट कराएं और देखें कि हाल के महीनों में पेंशन की राशि आई है या नहीं। इसके बाद SSPMIS पोर्टल पर लाभार्थी की स्थिति जांचें। अगर रिकॉर्ड में नाम, जन्मतिथि या बैंक खाते की जानकारी गलत है, तो उसे ठीक कराने के लिए संबंधित कार्यालय से संपर्क करें।

इन बातों की जांच जरूर करें:

  • बैंक खाता चालू है या नहीं।

  • पेंशन रिकॉर्ड में दर्ज नाम और बैंक खाते के नाम में अंतर तो नहीं है।

  • आधार कार्ड में दर्ज जन्मतिथि और नाम सही हैं या नहीं।

  • बैंक खाते में DBT से भुगतान प्राप्त करने में कोई समस्या तो नहीं है।

  • लाभार्थी का आवेदन स्वीकृत है या किसी स्तर पर लंबित है।

अगर ऑनलाइन जानकारी से समस्या हल नहीं होती, तो प्रखंड कार्यालय या जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग में संपर्क किया जा सकता है। शिकायत करते समय लाभार्थी की पहचान और आवेदन से संबंधित विवरण साथ रखें। मूल दस्तावेज किसी अनजान व्यक्ति को न दें।

शिकायत और सहायता के लिए कहां संपर्क करें?

बिहार सरकार के SSPMIS पोर्टल पर पेंशन योजना से जुड़ी जानकारी और सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर दिए गए हैं। अगर किसी बुजुर्ग की पेंशन लंबे समय से नहीं आई है, आधार सत्यापन में परेशानी हो रही है या पोर्टल पर रिकॉर्ड नहीं मिल रहा है, तो इन नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है।

सहायता का माध्यम विवरण
टोल फ्री हेल्पलाइन 1800 345 6262
वैकल्पिक नंबर 0612-2545002
अन्य वैकल्पिक नंबर 0612-25465210/12
हेल्पलाइन का समय सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक

 

ये संपर्क विवरण SSPMIS की आधिकारिक वेबसाइट पर दिए गए हैं। कॉल करने से पहले अपना लाभार्थी आईडी, स्वीकृति संख्या या पेंशन से जुड़ी उपलब्ध जानकारी पास रखें। इससे शिकायत समझाने में आसानी होगी।

पेंशन के नाम पर पैसे मांगने वाले लोगों से सावधान रहें। कोई व्यक्ति फोन करके यह कहे कि कुछ रकम देने पर आपकी पेंशन चालू हो जाएगी या e-KYC तुरंत करवा देगा, तो बिना पुष्टि भुगतान न करें। आधार OTP, ATM PIN और बैंकिंग पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें। बुजुर्ग लाभार्थियों को भी परिवार के किसी भरोसेमंद सदस्य की मदद से ही ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए।

FAQ: बिहार वृद्धा पेंशन e-KYC 2026 से जुड़े सवाल

1. बिहार वृद्धजन पेंशन योजना में हर महीने कितनी राशि मिलती है?

SSPMIS के आधिकारिक पोर्टल पर मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को ₹1,100 प्रतिमाह देने का उल्लेख है। राशि बैंक खाते में DBT के माध्यम से भेजी जाती है।

2. बिहार वृद्धा पेंशन योजना के लिए न्यूनतम उम्र कितनी होनी चाहिए?

मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना के लिए आवेदक की न्यूनतम उम्र 60 वर्ष होनी चाहिए। आवेदन के दौरान उम्र से संबंधित सही जानकारी और जरूरी दस्तावेज देने होते हैं।

3. क्या बिहार के सभी पुराने पेंशनधारकों के लिए e-KYC की आखिरी तारीख जारी हुई है?

उपलब्ध आधिकारिक SSPMIS जानकारी में आधार सत्यापन की सुविधा दी गई है, लेकिन सभी मौजूदा लाभार्थियों के लिए एक समान अंतिम तारीख और उसके बाद पेंशन बंद करने का स्पष्ट आदेश दिखाई नहीं देता। किसी भी समय-सीमा की पुष्टि आधिकारिक विभाग से करें।

4. बिहार वृद्धा पेंशन का स्टेटस ऑनलाइन कैसे चेक करें?

SSPMIS पोर्टल पर Beneficiary Status विकल्प खोलकर लाभार्थी आईडी, स्वीकृति संख्या, बैंक खाता नंबर, आधार नंबर या मोबाइल नंबर के जरिए उपलब्ध रिकॉर्ड खोज सकते हैं।

5. वृद्धा पेंशन से जुड़ी शिकायत कहां करें?

लाभार्थी SSPMIS हेल्पलाइन नंबर 1800 345 6262 पर सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे के बीच संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा 0612-2545002 और 0612-25465210/12 नंबर भी आधिकारिक पोर्टल पर दिए गए हैं।

About the Author
Anubhuti Gupta
Anubhuti Gupta
Anubhuti Gupta पिछले 4 वर्षों से कंटेंट राइटिंग और एडिटोरियल क्षेत्र में कार्यरत हैं। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में ग्रेजुएशन किया है। वह सरकारी योजनाओं से जुड़ी जानकारी की रिसर्च, फैक्ट-चेकिंग और एडिटिंग पर विशेष ध्यान देते हैं, ताकि पाठकों तक सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद जानकारी पहुँच सके।

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