इस खाते का संचालन माता-पिता या कानूनी अभिभावक करते हैं, जबकि बच्चा इसका लाभार्थी होता है। योजना की खास बात यह है कि इसमें हर साल न्यूनतम ₹250 जमा करके निवेश जारी रखा जा सकता है। हालांकि, खाता खुलवाने से पहले यह समझना जरूरी है कि इसमें पैसा कैसे जमा होगा, आंशिक निकासी कब की जा सकती है और बच्चे के 18 साल का होने पर खाते का क्या होगा।
NPS Vatsalya Yojana क्या है और किसके लिए शुरू की गई है?
NPS Vatsalya राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के तहत चलाई जाने वाली एक स्वैच्छिक बचत योजना है। इसे खास तौर पर 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए बनाया गया है। इसमें बच्चे के नाम पर पेंशन खाता खोला जाता है और माता-पिता या कानूनी अभिभावक उस खाते को बच्चे की ओर से संचालित करते हैं। खाते में जमा रकम का असली लाभार्थी बच्चा ही होता है।
इस योजना का उद्देश्य बच्चों के लिए कम उम्र से ही लंबी अवधि की बचत की आदत विकसित करना है। माता-पिता अपनी आर्थिक क्षमता के अनुसार नियमित योगदान कर सकते हैं। NPS Vatsalya Yojana 2026-27 परिवार के रिश्तेदार और मित्र भी बच्चे के खाते में उपहार के रूप में योगदान कर सकते हैं। इस तरह बच्चे के भविष्य के लिए बचत में परिवार के अन्य सदस्य भी सहयोग कर सकते हैं
यह बात समझना जरूरी है कि NPS Vatsalya कोई ऐसी योजना नहीं है जिसमें सरकार हर महीने बच्चे के खाते में तय रकम देती है। इसमें अभिभावक अपनी तरफ से पैसा जमा करते हैं और उस रकम का निवेश पेंशन फंड के जरिए किया जाता है। निवेश बाजार से जुड़ा होने के कारण रिटर्न घट-बढ़ सकता है। इसमें किसी निश्चित ब्याज दर या तय मुनाफे की गारंटी नहीं है।
कौन खुलवा सकता है NPS Vatsalya खाता? जानें पात्रता
NPS Vatsalya खाता किसी भी पात्र भारतीय नाबालिग बच्चे के नाम पर खोला जा सकता है। इसमें लड़का और लड़की दोनों शामिल हैं। पात्र NRI और OCI बच्चों के लिए भी खाता खोलने का प्रावधान है। बच्चे की ओर से माता-पिता या कानूनी अभिभावक आवेदन कर सकते हैं।
| जरूरी जानकारी | नियम |
|---|---|
| बच्चे की उम्र | 18 वर्ष से कम |
| खाता किसके नाम पर होगा | नाबालिग बच्चे के नाम |
| संचालन कौन करेगा | माता-पिता या कानूनी अभिभावक |
| न्यूनतम शुरुआती योगदान | ₹250 |
| न्यूनतम सालाना योगदान | ₹250 |
| अधिकतम योगदान | कोई तय सीमा नहीं |
खाता खुलवाने के लिए अभिभावक का NPS खाता होना जरूरी नहीं है। यानी अगर माता-पिता पहले से राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली से जुड़े नहीं हैं, तब भी वे अपने बच्चे के नाम पर NPS Vatsalya खाता खुलवा सकते हैं। एक बच्चे के लिए योजना के नियमों के अनुसार खाता खोला जाता है।
आवेदन से पहले बच्चे की जन्मतिथि का प्रमाण और अभिभावक के KYC दस्तावेज तैयार रखना बेहतर रहेगा। आम तौर पर बच्चे के लिए जन्म प्रमाणपत्र, स्कूल छोड़ने का प्रमाणपत्र, मैट्रिक प्रमाणपत्र, PAN या पासपोर्ट जैसे दस्तावेज इस्तेमाल किए जा सकते हैं। अभिभावक के लिए आधार, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट, वोटर आईडी या मान्य पहचान दस्तावेज के साथ PAN या Form 60 की जरूरत हो सकती है।
सिर्फ ₹250 से शुरुआत, जानें कितना पैसा जमा कर सकते हैं
NPS Vatsalya की सबसे अहम बात इसका कम न्यूनतम योगदान है। खाता खुलवाते समय कम से कम ₹250 जमा करने होते हैं। इसके बाद हर वित्त वर्ष में कम से कम ₹250 का योगदान जरूरी है। योजना में अधिकतम जमा राशि की कोई सीमा तय नहीं है, इसलिए अभिभावक अपनी क्षमता के अनुसार ज्यादा रकम भी जमा कर सकते हैं।
इसमें एकमुश्त योगदान के साथ-साथ समय-समय पर रकम जमा करने का विकल्प भी उपलब्ध है। NPS Vatsalya Yojana 2026-27 माता-पिता के अलावा रिश्तेदार और दोस्त भी बच्चे के खाते में योगदान दे सकते हैं। योगदान के लिए पंजीकृत सेवा प्रदाता, ऑनलाइन सुविधा और eNPS जैसे माध्यम उपलब्ध हैं।
| योगदान का प्रकार | जानकारी |
|---|---|
| खाता खोलते समय | न्यूनतम ₹250 |
| हर वित्त वर्ष | न्यूनतम ₹250 |
| अधिकतम जमा | कोई अधिकतम सीमा नहीं |
उदाहरण के तौर पर, यदि कोई परिवार हर महीने अपनी सुविधा के अनुसार नियमित रकम जमा करता है, तो बच्चे के नाम पर लंबे समय में एक निवेश कोष तैयार हो सकता है। हालांकि, अंतिम रकम इस बात पर निर्भर करेगी कि कितना पैसा जमा किया गया, कितने समय तक निवेश जारी रहा और चुने गए पेंशन फंड का प्रदर्शन कैसा रहा। इसलिए केवल ₹250 जमा करने से बड़ी रकम मिलने की उम्मीद नहीं करनी चाहिए।
NPS Vatsalya के फायदे और पैसा निकालने के नियम
इस योजना का मुख्य फायदा यह है कि बच्चे के लिए बचत जल्दी शुरू की जा सकती है। लंबी अवधि तक निवेश रहने से चक्रवृद्धि का लाभ मिलने की संभावना रहती है। अभिभावक पंजीकृत पेंशन फंड में से विकल्प चुन सकते हैं और निवेश का प्रबंधन उसी फंड के जरिए होता है। योजना खाते और निवेश से जुड़ी जानकारी देखने की सुविधा भी देती है।
हालांकि, खाते में जमा रकम को जरूरत पड़ने पर कभी भी पूरी तरह निकाल लेने की सुविधा नहीं है।NPS नियमों के तहत खाता खुलने के कम से कम तीन साल बाद कुछ खास परिस्थितियों में आंशिक निकासी की जा सकती है। यह सुविधा बच्चे की शिक्षा, निर्दिष्ट बीमारियों के इलाज और 75 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता जैसी निर्धारित स्थितियों के लिए है।
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आंशिक निकासी खाते में किए गए अपने योगदान के अधिकतम 25 प्रतिशत तक हो सकती है।
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निवेश से मिले रिटर्न को इस 25 प्रतिशत की गणना में शामिल नहीं किया जाता।
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18 वर्ष से पहले अधिकतम दो बार आंशिक निकासी की अनुमति है।
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18 से 21 वर्ष की उम्र के बीच KYC की शर्तें पूरी करने पर दो अतिरिक्त आंशिक निकासी की जा सकती हैं।
इसलिए खाता खुलवाने से पहले परिवार को यह समझना चाहिए कि यह रोजमर्रा की जरूरतों के लिए पैसा जमा करने वाला बचत खाता नहीं है। इसका मकसद लंबी अवधि में बच्चे के लिए वित्तीय आधार तैयार करना है।
NPS Vatsalya में ऑनलाइन खाता कैसे खोलें? जानें आवेदन प्रक्रिया
NPS Vatsalya खाता ऑनलाइन और ऑफलाइन, दोनों तरीकों से खुलवाया जा सकता है। ऑनलाइन आवेदन के लिए eNPS प्लेटफॉर्म या PFRDA से पंजीकृत Points of Presence (PoP) की वेबसाइट अथवा ऐप का इस्तेमाल किया जा सकता है। ऑफलाइन आवेदन के लिए अभिभावक किसी पंजीकृत सेवा प्रदाता या संबंधित बैंक शाखा में जाकर प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
खाता खोलने के लिए सामान्य तौर पर ये कदम अपनाने होते हैं:
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eNPS प्लेटफॉर्म या किसी पंजीकृत PoP की ऑनलाइन सेवा पर जाएं।
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NPS Vatsalya खाता खोलने का विकल्प चुनें।
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बच्चे का नाम, जन्मतिथि और मांगी गई जरूरी जानकारी भरें।
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माता-पिता या कानूनी अभिभावक की KYC जानकारी दर्ज करें।
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बच्चे की उम्र के प्रमाण और जरूरी दस्तावेज जमा करें।
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पंजीकृत पेंशन फंड और Central Recordkeeping Agency (CRA) का उपलब्ध विकल्प चुनें।
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शुरुआती न्यूनतम ₹250 का योगदान जमा करके आवेदन पूरा करें।
आवेदन और दस्तावेजों का सत्यापन पूरा होने के बाद बच्चे के नाम पर PRAN यानी Permanent Retirement Account Number जारी किया जाता है। यही नंबर खाते की पहचान के लिए इस्तेमाल होता है। NPS Vatsalya Yojana आवेदन में दी गई जानकारी और दस्तावेज सही होने चाहिए, ताकि सत्यापन के दौरान परेशानी न आए।
बच्चा 18 साल का होने पर खाते का क्या होगा?
NPS Vatsalya में बच्चे के 18 वर्ष का होने पर खाता अपने आप सामान्य बचत खाते में नहीं बदलता। इस उम्र में खाताधारक को अपनी नई KYC पूरी करनी होती है और नॉमिनी से जुड़ी जानकारी भी देनी होती है। इसके बाद खाते का संचालन अभिभावक के बजाय स्वयं खाताधारक कर सकता है।
18 वर्ष पूरे होने के बाद खाताधारक के पास 21 वर्ष की उम्र तक कुछ विकल्प होते हैं। वह NPS Vatsalya में निर्धारित अवधि तक निवेश जारी रख सकता है, पूरे जमा कोष को NPS के लागू दूसरे मॉडल में स्थानांतरित कर सकता है या नियमों के अनुसार बाहर निकलने का विकल्प चुन सकता है।
निकासी के नियम खाते में जमा कुल रकम के आधार पर तय होते हैं। यदि कुल कोष ₹8 लाख से कम है, तो लागू नियमों के तहत पूरी रकम एकमुश्त निकाली जा सकती है। यदि कोष ₹8 लाख या उससे अधिक है, तो अधिकतम 80 प्रतिशत रकम एकमुश्त निकाली जा सकती है और कम से कम 20 प्रतिशत रकम से एन्युटी खरीदनी होती है। एन्युटी के जरिए नियमित आय पाने की व्यवस्था की जाती है।
| 18 साल की उम्र के बाद विकल्प | नियम |
|---|---|
| योजना जारी रखना | 21 वर्ष तक NPS Vatsalya में जारी रख सकते हैं |
| दूसरे NPS मॉडल में जाना | पूरा जमा कोष लागू NPS मॉडल में स्थानांतरित किया जा सकता है |
| ₹8 लाख से कम कोष | नियमों के अनुसार पूरी रकम निकाली जा सकती है |
| ₹8 लाख या अधिक कोष | 80% तक एकमुश्त, कम से कम 20% एन्युटी के लिए |
इसलिए NPS Vatsalya खाता खुलवाने वाले अभिभावकों को बच्चे के 18 वर्ष पूरे होने से पहले ही आगे की योजना समझ लेनी चाहिए। KYC और निकासी से जुड़े नियमों को समय पर पूरा करना जरूरी होगा।
NPS Vatsalya Yojana: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. NPS Vatsalya खाता कितनी रकम से खुलता है?
इस योजना में खाता खोलते समय न्यूनतम ₹250 जमा करने होते हैं। हर वित्त वर्ष में भी कम से कम ₹250 का योगदान जरूरी है।
2. क्या 18 साल से कम उम्र के सभी बच्चों का खाता खुल सकता है?
पात्र भारतीय नागरिकों के 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के नाम पर खाता खोला जा सकता है। पात्र NRI और OCI बच्चे भी योजना के दायरे में आते हैं।
3. क्या NPS Vatsalya में जमा रकम पर निश्चित ब्याज मिलता है?
नहीं। इसमें रकम पंजीकृत पेंशन फंड के जरिए निवेश की जाती है और रिटर्न बाजार के प्रदर्शन पर निर्भर करता है। किसी निश्चित ब्याज दर या मुनाफे की गारंटी नहीं है।
4. क्या बच्चे की पढ़ाई के लिए खाते से पैसा निकाला जा सकता है?
हां, निर्धारित शर्तें पूरी होने पर खाते के तीन साल पूरे होने के बाद शिक्षा के लिए आंशिक निकासी की जा सकती है। इसकी सीमा अपने योगदान की अधिकतम 25 प्रतिशत रकम तक है, निवेश से मिले रिटर्न को इसमें नहीं जोड़ा जाता।
5. बच्चा 18 साल का होने पर NPS Vatsalya खाते का क्या होगा?
18 वर्ष पूरे होने पर खाताधारक को नई KYC पूरी करनी होती है। इसके बाद वह नियमों के अनुसार योजना को 21 वर्ष तक जारी रख सकता है, दूसरे NPS मॉडल में स्थानांतरित कर सकता है या निकासी का विकल्प चुन सकता है।